पांच दिन नहीं दी कोई जानकारी, रेफर करने को कहा तो मृत घोषित कर दिया
कोरोना संक्रमण के नाम पर निजी अस्पताल मरीजों से लाखों रुपए ठगने के कई मामले सामने आ चुके है। जिनमें से कई अस्पतालों ने लाखों रुपए लेने के बाद मरीजों को बंधक तक बनाया है। ऐसा ही एक ताजा मामला नेहरु नगर स्थित विमहेंस अस्पताल का है। जहां दो मरीजों से लाखों रुपए लेने के बाद दोनों भाईयों की मौत हो गई है।
परिजनों का आरोप है कोरोना के दो भाईयों से 13 लाख वसूलने के बाद पांच दिनों तक मरीजों के बारे में कोई सही जानकारी दी और ना ही दूसरे अस्पताल में रेफर नहीं किया। मृतक के परिजनों ने इससे संबंधित एक शिकायत पुलिस को भी दी है।
मृतकों के रिश्तेदार रोहित गुप्ता ने बताया कि पंकज (43) और विशाल (37 नामक दो भाई झांसी के रहने वाले थे। दोनों को विमहेंस अस्पताल में 3 सितंबर को भर्ती कराया गया था। दोनों कोरोना पॉजिटिव थे। परिजनों का आरोप है कि तीनों डॉक्टरों ने 8 सितंबर को मरीजों से संबंधित कोई जानकारी ठीक से नहीं दी। जब हमने मरीजों को ट्रांसफर के लिए कहा तो डॉक्टरों ने उनकी रिपोर्ट नहीं दी। इसके बाद रात 10.30 बजे डॉक्टरों ने पंकज गुप्ता को मृत घोषित कर दिया।
हालत क्रिटिकल थी
^अस्पताल में भर्ती होने से पहले दोनों मरीजों की हालत बहुत नाजुक थी। दोनों को वैंटिलेटर पर रखा गया था। जहां तक मरीजों की स्थिति के बारे मे बताने की बात है, हर रोज विडियो कांफ्रेंसिंग से बातचीत कराई जाती थी। मरीजों के तीमारदारों की भी काउंसलिंग की जाती थी। दोनों की हालत क्रिटिकल थी, स्टेबल होने के बाद ही उन्हें किसी दूसरे अस्पताल में भेजा जा सकता था, नहीं तो मरीज की जान को खतरा हो सकता था।
-शालीनी शर्मा, पीआरओ, विमहेंस अस्पताल
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