शाहीनबाग प्रदर्शन पर एनसीपीसीआर ने जिला मजिस्ट्रेट से मांगी रिपोर्ट, निर्देशों को नहीं मान रहे प्रदर्शनकारी
नई दिल्ली.राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने साउथ-ईस्ट दिल्ली के जिला मजिस्ट्रेट को बुधवार को पत्र लिखकर कोरोना वायरस के खतरे के मद्देनजर शाहीनबाग प्रदर्शन स्थल पर लोगों के एकत्रित होने के संबंध में एक रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने पत्र में लिखा कि उसे प्रदर्शन स्थल पर बड़ी संख्या में लोगों के जुटने के संबंध में शिकायत मिली थी। शिकायत में कहा गया कि कोविड-19 की रोकथाम और सुरक्षा के संबंध में प्रदेश और केंद्र सरकार के परामर्श के बावजूद लोग एकत्रित हो रहे हैं।
दिल्ली सरकार ने आदेश जारी किया था कि कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए 50 से अधिक लोगों की धार्मिक, पारिवारिक, सामाजिक, राजनीतिक या सांस्कृतिक किसी भी तरह की सभा की 31 मार्च तक राजधानी दिल्ली में अनुमति नहीं दी जाएगी।
आयोग ने पत्र में कहा, ‘‘कोविड-19 की रोकथाम और सुरक्षा के संबंध में प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार की ओर से जारी परामर्श के मद्देनजर आपसे आवश्यक कार्रवाई करने और इस पत्र के जारी होने की तारीख से तीन दिनों के अंदर आयोग को एक रिपोर्ट सौंपने का अनुरोध किया जाता है।’’ गौरतलब है कि संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए शाहीन बाग में महिलाओं और बच्चों समेत लोग सड़कों पर रह रहे हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, देश में कोरोना वायरस के मामलों की संख्या बढ़कर बुधवार को 147 हो गई।
95वें दिन भी प्रदर्शन जारी महिलाएं हटने को तैयार नहीं
शाहीनबाग में प्रदर्शनकारी महिलाएं वहां से हटने को राजी नहीं हैं और पुलिस भी उन पर कार्रवाई करने को फिलहार तैयार नहीं है। महिलाओं का कहना है कि अगर सरकार को हमारी इतनी ही चिंता है तो फिर धरना स्थल के पास मोहल्ला क्लीनिक ही क्यों नहीं खुलवा देती। क्या इस धरने के कारण ही वायरस फैलेगा, जो बसें और रेल गाडियां चल रही हैं वहां भी तो लोगों की भीड़ जुट रही है। प्रदर्शनकारियां का कहना है कि उन्होंने इस वायरस से निपटने के प्रर्याप्त इंतजाम कर रखे हैं। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से बात करने से भी मना कर दिया है, जिस वजह से बुधवार को इसे लेकर वरिष्ठ पुलिस अफसरों की ओर से पहल नहीं की गई। महिलाओं का कहना है कि वे ठंड से लेकर बारिश ओले झेल चुकी हैं।
लोकसभा में प्रदर्शनकारियों को हटाने की मांग
भाजपा सांसद रमेश बिधूड़ी ने बुधवार को लोकसभा में शाहीन बाग का मुद्दा शून्यकाल में उठाया। उन्होंने कहा कि नोएडा से दिल्ली के बीच रोजाना आने-जाने वाले पांच लाख से अधिक लोग शाहीनबाग में चल रहे प्रदर्शनों से प्रभावित हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन के कारण एंबुलेंस भी घंटों तक फंसी रहती हैं। बिधूड़ी ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी संसद से पारित कानून का विरोध कर संविधान का उल्लंघन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने जिन मध्यस्थों को शाहीन बाग में प्रदर्शनकारियों से बातचीत के लिए भेजा, उनकी मानसिकता प्रदर्शन समाप्त कराने की नहीं लगती
उन्होंने कहा कि सरकार को रास्ता खुलवाने के लिए पहल करनी चाहिए।
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