घर में अकेले रहने वाले लोग हो सकते हैं मानसिक रोगी, लगातार न्यूज देखने से हो रही है घबराहट तो देखना कर दें बंद
कोरोना महामारी के कारण हुए लॉकडाउन में लोगों को घर के अंदर ही रहना पड़ रहा है। ऐसे में लोग मानसिक रोगी हो रहे हैं। परिवार के साथ रहने वाले लोगों के मुकाबले अकेले रहने वाले इसके शिकार ज्यादा हैं।
डॉक्टरों का मानना है कि लोग मानसिक रोगी लगातार कोरोना की न्यूज देखने के कारण हो रहे हैं। इसलिए संभव हो तो लोग न्यूज न देखें। लॉकडाउन मानसिक रोगों से उभरने के लिए इहबास अस्पताल ने टेली काउंसलिंग भी शुरू की है। कोई भी 9868396841 पर सुबह 8 से रात 8 बजे तक फोन कर सलाह ले सकता है। डॉक्टरों का मानना है कि लॉकडाउन के दौरान जो लोग परिवार के साथ हैं उनका वक्त तो ठीक से बीत रहा है लेकिन जो अकेले हैं। जैसे बुजुर्ग या फिर छात्र वे परेशान हैं और चिंतित हैं।
अकेले रहने वाले लोग चिंता में हैं कि लॉकडाउन कब खुलेगा
राम मनोहर अस्पताल में वरिष्ठ मनोरोग चिकित्सक डॉ. आरपी बेनिवाल का कहना है कि अकेले रहने वाले लोग चिंता में हैं कि लॉक डाउन कब खुलेगा। उसके बाद आय का स्रोत रहेगा भी या नहीं। यह चिंता उन्हें लगातार कोरोना की न्यूज देखकर अपडेट करने के कारण होती है। मेरे कई जानकार ऐसे हैं जिनके बच्चे अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में हैं। इन बुजुर्गों को पहले तो अच्छा लगता था कि उनके बच्चे विदेश में हैं लेकिन अब वे परेशान हैं। उन्हें चिंता सताती रहती है कि पता नहीं उनके बच्चे कैसे होंगे और खाना-पीना मिल भी रहा होगा या नहीं। किसी परेशानी में तो नहीं हैं। दिल्ली में अनेक छात्र ऐसे हैं जो अकेले रहते हैं, वह भी डिप्रेशन का शिकार हो रहे हैं। डॉ. बेनिवाल का कहना है कि ऐसे लोग जिन्हें ज्यादा घबराहट होती है न्यूज देखने से वह टीवी पर न्यूज देखना बंद कर दें, तो उनके लिए अच्छा रहेगा।
अपने आप को ज्यादा व्यस्त रखेंगे तो अच्छा रहेगा
इहबास अस्पताल के निदेशक डॉ. निमेष देसाई का कहना है कि लोग घरों में हैं और खाली हैं। इससे उनमें अवसाद घर कर सकता है। ऐसे में अपने को किसी भी तरह ज्यादा से ज्यादा व्यस्त रखेंगे तो अच्छा रहेगा। यदि कोई परेशानी हो तो हमारी हेल्पलाइन पर फोन करके इससे निपटने की सलाह ले सकते हैं। हेल्पलाइन पर डॉक्टर सुबह 8 से रात 8 बजे तक उपलब्ध हैं। किसी भी तरह की समस्या का समाधान वह कर सकते हैं। यदि ज्यादा इलाज की जरूरत होगी तो वह आपको अस्पताल आने के लिए कहेंगे। डॉ. देसाई ने कहा कि घर में पुरुषों के खाली रहने की वजह से पति-पत्नी के बीच संबंध खराब होने की आशंका भी रहती है। बच्चों के साथ मतभेद भी हो सकता है। इन सबसे बचने के लिए खुद को ज्यादा से ज्यादा व्यस्त रखें।
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