Latest Updates

घर में अकेले रहने वाले बुजुर्गों से लेकर किन्नर और सेक्स वर्कर्स तक को मदद और खाना उपलब्ध कराने में जुटी हैं तीन सामाजिक संस्थाएं

लॉकडाउन में फंसे आम लोगों की मदद के लिए कई संगठन और संस्थाएं जुटी हैं। दिल्ली में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की संस्था सेवा भारती लोक डाउन के समय से लोगों की सेवा के काम में जुटी हुई है। संस्था गरीबों को राशन के अलावा घरों में अकेले रहने वाले बुजुर्गों, किन्नर और सेक्स वर्कर्स तक की मदद को आगे आ रही है। वहीं ईस्ट दिल्ली की सामाजिक संस्था शहीद भगत सिंह सेवा दल और राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर की संस्था आई-पैक दिल्ली-एनसीआर में गरीबों को खाना उपलब्ध करा रही है। सेवा भारती 25 मार्च से ही घरों में अकेले रह रहे बुजुर्गों की मदद कर रही है।

सेवा भारती के मुताबिक पूरी दिल्ली में करीब 500 बुजुर्गों की मदद की। इसमें उन्हें खाना, डॉक्टर और दवाइयां उपलब्ध कराना शामिल है। सेवा भारती के मिथलेश कुमार ने बताया कि लॉक डाउन में 14 अप्रैल को लाजपत नगर के नजदीक विक्रम विहार में अकेली रहने वाली बुजुर्ग महिला को तुरंत डॉक्टर की जरूरत है। हमारे कार्यकर्ता मुनीश, विजय और देवेंद्र तुरंत बुजुर्ग महिला को एंबुलेंस की मदद से मूलचंद अस्पताल लेकर गए।

13 झुग्गियों में दो बार बांटते हैं खाना
राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर की संस्था आई-पैक भी लॉक डाउन के दौरान दिल्ली-एनसीआर के 70 जगहों पर रोजाना करीब ढाई लाख खाने के पैकेट बांट रही हैं। आई-पैक ने बाकायदा एक सिस्टम डेवलप किया है। सिस्टम में तीन तरह के लोग जुड़े हैं। एक खाना बनाने का काम करते हैं, दूसरे पैकिंग और डिलीवरी, जबकि तीसरे खाना बांटने के काम में लगे हैं। इधर ईस्ट दिल्ली की सामाजिक संस्था शहीद भगत सिंह सेवा दल रोजाना करीब 12 हजार लोगों को खाना खिला रहा है। संस्था के जितेंद्र सिंह शंटी ने कहा कि शाहदरा के आसपास 13 झुग्गियों में दिन में दो बार बांटा जा रहा है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Three social organizations are working to provide help and food to the elderly, living alone at home, to eunuchs and sex workers.


from Dainik Bhaskar https://www.bhaskar.com/local/delhi-ncr/news/three-social-organizations-are-working-to-provide-help-and-food-to-the-elderly-living-alone-at-home-to-eunuchs-and-sex-workers-127182498.html
'; (function() { var dsq = document.createElement('script'); dsq.type = 'text/javascript'; dsq.async = true; dsq.src = '//' + disqus_shortname + '.disqus.com/embed.js'; (document.getElementsByTagName('head')[0] || document.getElementsByTagName('body')[0]).appendChild(dsq); })();