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तब्लीगी जमात के रोहिंग्या कनेक्शन पर बड़ा खुलासा, मरकज से कई रोहिंग्या गायब

(धर्मेंद्र डागर) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तब्लीगी जमात के मुखिया मौलाना साद पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। उसके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है। इस कार्रवाई के बाद अब मौलाना साद की मुश्किलें बढ़ना तय माना जा रहा है।

सूत्रों का कहना है कि जांच टीम अब तक मौलाना साद के आधा दजर्न से अधिक बैंकों में अकाउंट का पता चला है। उसके परिवार में भी कई सदस्यों के एक से ज्यादा अकाउंट हैं, उनकी जांच की जा रही है। इसके अलावा मौलाना साद के पकड़े जाने पर टीम मस्जिदों के निर्माण के इतना अधिक रुपया कहां से आया, किसने दिया जैसे सवाल पूछताछ कर सकती है। साथ ही 1970 में बनी मुस्लिम पर्सनल बोर्ड के अकाउंटों की जांच कर रही है। पुलिस इसके लिए कुछ देशों की एजेंसियों के अधिकारियों से भी बातचीत कर रही है।

वहीं माैलाना साद को पकड़ने के लिए क्राइम ब्रांच की टीम सर्च ऑपॅरेशन चलाने की तैयारी कर रही है। मौलाना साद का क्वारेंंटाइन का समय समाप्त हो चुका है। ऐसे में जांच टीम को आशंका है कि वह कोई बहाना ना बना दें। इसके लिए जांच टीम ने एसडीएम, एमसीडी व दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग की टीम तैयार की है। ताकि मौलाना साद की गिरफ्तारी के समय कोई बहाना ना बना सकें।

मौलाना ने पुलिस से मांगी एफआईआर की कॉपी, कहा-जांच को तैयार

मौलाना साद ने दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को एक पत्र लिखकर मरकज मस्जिद में एक कार्यक्रम के संबंध में एफआईआर की मांग की है। उसमें लिखा है कि कृपया सूचित करें कि क्या एफआईआर में कोई नई धारा या खंड जोड़ा गया है। मैं जांच में सहयोग करने को तैयार हूं। सूत्रों का कहना है कि तब्लीगी मरकज मामला अब क्राइम ब्रांच के अलावा सीबीआई और एंजेंसी रॉ तक पहुंच गया है। ईडी (इंर्फोमेशन डायरेक्टरेट) की टीम मौलानाओं के बैंक अकाउंटों को खंगाल रही है। जिसमें हवाला से रुपया आने के संकेत भी मिले हैं। सूत्रों के मुताबिक अब ईडी निजामुद्दीन इलाके में बनी मस्जिदें कैसे बनी हैं। इसके लिए पैसा कहां से आया है, किसने दिया। इन सब सवालों के जवाब खंगाल रही है। सूत्रों का कहना है कि पुलिस जांच टीम को शुरुआती जांच में पता चला है कि मस्जिदों काफी गुप्त दान मिले थे।

आशंका: मेवाती गैंग से जुड़ सकते हैं तार, खास लोगों को गायब होने से पहले भेज दिया बाहर

पुलिस सूत्रों का कहना है कि जांच में पता चला है कि मौलाना साद के मेवाती गैंग से संबंध होने की बात सामने आ रही है। साद ने मरकज से गायब होने से पहले अपने कुछ जानकाराें काे जमातियों की मदद से उन्हें बाहर निकलवा कर अपने-अपने ठिकानाें पर भिजवा दिया गया था। ताकि वे पुलिस की गिरफ्त में ना आ सकें। पुलिस सूत्रो का कहना है कि तब्लीगी जमात में अब रोहिंग्या कनेक्शन सामने आया है। निजामुद्दीन मरकज में कई रोहिंग्या शामिल हुए थे, जो अब गायब हैं। यह काफी खतरनाक साबित हो सकता है। पुलिस ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर राज्यों को आगाह किया है कि वे इसकी जांच करें और पहचान होने पर उनकी स्क्रिनिंग करें।

साजिश: गिरफ्तारी से बचने से पहले मौलाना साद अग्रिम जमानत की चल सकता है चाल
मौलाना साद ने जांच टीम को 4 मई को खुद उपस्थित होने के लिए कहा है। लेकिन सूत्रों के मुताबिक साद उससे पहले ही कानून का सहारा लेकर अग्रिम जमानत का इंतजाम कर सकता है। जांच टीम के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि कानून सबके लिए है। कुछ भी हो आरोपियों को टीम के नोटिसों के जबाव में इंवेस्टीगेशन ज्वॉइन करना होगा। वहीं मौलाना साद के प्रवक्ता का कहना है कि उससे निजामुद्दीन मरकज में पूछताछ की जाए तो इसके जवाब में टीम का कहना है कि पुलिस जहां चाहे साद से पूूछताछ कर सकती है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि मौलाना साद से क्या, कब और कहां पूछना है, सब कुछ तैयार है। अभी कोरोना वायरस की महामारी के हालात है, उसमें सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना जरूरी है।



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Big disclosure on Rohingya connection of Tablighi Jamaat, many Rohingya missing from Markaz


from Dainik Bhaskar https://www.bhaskar.com/local/delhi-ncr/news/big-disclosure-on-rohingya-connection-of-tablighi-jamaat-many-rohingya-missing-from-markaz-127189046.html
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