कोरोना से स्मॉल इंडस्ट्री को उबारेगी जीईसीएल योजना, बैंकों ने एक साल तक बगैर किसी किस्त के लोन देना शुरू किया
कोरोना के झटके से इंडस्ट्री को उबारने के लिए सरकार ने राहत पैकेज देने की घोषणा के बाद बैंकों के जरिए लोन देने का काम तेज कर दिया है। इसके लिए बैंकों ने गारंटी इमरजेंसी क्रेडिट लोन योजना (जीईसीएल) बनाई है। लोन देने के लिए सरकार बैंकों को उद्यमियों की गारंटी खुद सरकार ले रही है।
लोन लेने वाले उद्यमियों को बस एक जीईसीएल फार्म पर हस्ताक्षर कर बैंक को देने होगा। लोगों को एक दिन के अंदर लोन मिल जाएगा। खास बात यह है कि इस योजना के तहत मिलने वाले लोन पर एक साल तक कोई किस्त जमा नहीं करनी है।
एक साल बाद लगातार तीन साल तक 9 फीसदी दर से ब्याज जमा करना होगा। खास बात यह है कि उद्योगों को यह लाभ देने के लिए बैंकर्स खुद उद्यमियों से संपर्क करने में लगे हैं। बैंकर्स का मानना है कि इस योजना के शुरू होने से उद्योगों को रफ्तार देने में मदद मिलेगी।
कोरोना के कारण लॉकडाउन से करीब दो महीने तक पूरी इंडस्ट्री ठप्प पड़ी थी। जिला उद्योग केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक वर्तमान में करीब 24000 छाेटी व माइक्रो इंडस्ट्री फरीदाबाद में चलती हैं। लेकिन लॉकडाउन ने इंडस्ट्री की अर्थव्यवस्था को चौपट कर दिया। लेकिन अब इन्हें उबारने का काम तेजी से चल रहा है।
लोन के लिए उद्यमियों को ये कागजात जमा करने होंगे
आईडीबीआई एनआईटी शाखा के प्रबंधक एसके सिंह एवं कारपोरेशन बैंक के शाखा प्रबंधक कृष्ण कुमार के अनुसार योजना का लाभ लेने के लिए उद्यमियों को सिर्फ एक साल के जीएसटी रिटर्न जमा करने के कागज, कंपनी का दो साल का बिजनेस और दो साल के इनकम टैक्स रिटर्न के कागजात देने होंगे।
बैंक अधिकारियों के अनुसार उन्हें जीईसीएल योजना फार्म को भरकर जमा करना होगा। बैंक एक दिन के अंदर लोन उपलब्ध करा देगा। उन्होंने बताया बैंक अधिकारी अौर खुद उद्यमियों से इस योजना का लाभ देने के लिए संपर्क कर रहे हैं। एसके सिंह के अनुसार यदि किसी उद्यमी का खाता संबंधित बैंक में नहीं है तो भी उसे इस योजना का लाभ मिल सकता है। उन्होंने कहा यदि किसी उद्यमी को लोन देने में दिक्कत आए तो वह आईडीबीआई एनआईटी शाखा रेलवे रोड, कारपोरेशन बैंक एनआईटी शाखा रेलवे रोड पर आकर संपर्क कर सकता है।
बैंकों पर लोन देने के लिए सरकार का विशेष जोर
लॉकडाउन से रोजगार पर आने वाले संकट और अर्थव्यवस्था के खात्मे को देखते हुए केंद्र सरकार ने एमएसएमई पर विशेष जोर दिया है। क्योंकि रोजगार देने में एमएसएमई का बड़ा योगदान होता है। इसे उबारने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 मई काे 20 लाख करोड़ के राहत पैकेज की घोषणा की थी।
इस 20 लाख करोड़ रुपए के पैकेज में से 3 लाख करोड़ एमएसएमई यानी सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग को दिया जाना है। इसके तहत उद्यमियों को बिना गारंटी लोन मिलेगा। इसकी समय सीमा 4 साल होगी। लेकिन किस्त जमा करने के लिए 12 महीने की छूट मिलेगी। यह ऑफर 31 अक्टूबर 2020 तक के लिए है। लोन देने के लिए सरकार बैंकों पर लगातार जोर दे रही है।
जीईसीएल योजना सभी सरकारी तथा प्राइवेट बैंक मैं लागू है: डॉ. अलभ्य मिश्रा
लीड बैंक मैनेजर डॉ. अलभ्य मिश्रा के अनुसार इन ऋणों पर उद्यमियों को किसी भी अन्य गारंटी या जमानत राशि जमा करने की भी आवश्यकता नहीं है। उन्होंने बताया जीईसीएल योजना सभी सरकारी तथा प्राइवेट बैंक मैं लागू है।
सभी बैंक अपने एमएसएमई को फरवरी 2020 को रेगुलर खातों पर उनके बकाया का 20 फीसदी राशि उपलब्ध करा रहे हैं। यानी यदि किसी की बकाया राशि एक लाख रुपए है तो उसे 20 हजार का लोन दिया जाएगा। उन्होंने बताया एलडीएम तथा डीआईसी विभाग के माध्यम से लोन के लिए जिला स्तर पर प्रत्येक सोमवार तथा ब्लॉक स्तर पर गुरुवार को कैंप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया अब तक इस योजना के लिए 1917 आवेदन आ चुके हैं। इसके एवज में 110.08 करोड़ का लोन स्वीकृत हो गया है। इसमें से 66.46 करोड़ वितरित भी किया जा चुका है।
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