ठेकेदारों को नहीं मिला बकाया, सड़क खराब हुई तो कंपनी ने भेजे करोड़ों के डेबिट नोट
कुंडली-मानेसर पलवल एक्सप्रेस-वे को बनाने वाले ठेकेदारों का बकाया पिछले 20 महीने में भी नहीं मिल पाया है। ना ही एक्सप्रेस-वे की लाइटिंग का काम पूरा हुआ है। जबकि एक्सप्रेस-वे पर लगे टोल से हर महीने में 42 लाख रुपए की वसूली की जा रही है।
हद तो तब हो गई जब 12 महीने का वर्क ऑर्डर खत्म हो गया, तब एस्सेल कंपनी की छोटी फर्म पेन इंडिया ने ठेकेदारों को बकाया राशि देने की बजाय उन्हें करोड़ों रुपए डेबिट नोट भेजकर उल्टे उनसे ही हर्जाना मांगना शुरू कर दिया है। वहीं ठेकेदारों का कहना है कि 12 महीने का वर्क ऑर्डर था, अब 18 महीने बाद डेबिट नोट भेजा है। देनदारी से बचने के लिए उनका शोषण किया जा रहा है।
पीएम नरेंद्र मोदी ने 19 नवंबर 2018 को केएमपी एक्सप्रेस का शुभारंभ किया था
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 19 नवंबर 2018 को केएमपी (कुंडली मानेसर पलवल) एक्सप्रेस का शुभारंभ किया था। उस समय एक्सप्रेस-वे का निर्माण करने वाले 65 ठेकेदारों ने प्रदर्शन भी किया था। लेकिन प्रधानमंत्री की मौजूदगी में उनकी आवाज को दबाकर उन्हें गिरफ्तार कर चुप करा दिया था। लेकिन बाद में इन्हें बकाया राशि देने का आश्वासन भी दिया गया।
लेकिन 20 महीने बीत जाने के बाद भी ठेकेदारों का ना तो बकाया पड़ा 220 करोड़ रुपए नहीं दिया गया। वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी में उद्घाटन के समय तेजी से निर्माण कार्य दिखाया था लेकिन अब पिछले 20 महीने से काम पूरी तरह बंद पड़ा हुआ है। हालात ये हैं कि केएमपी पूरी तरह अंधेरे में डूबा रहता है, जबकि इस एक्सप्रेस-वे से हर महीने 42 लाख रुपए वसूले जा रहे हैं।
क्या कहते हैं ठेकेदार
पेन इंडिया द्वारा एक-एक ठेकेदार से 50 लाख रुपए से एक करोड़ तक के डेबिट नोट मेल के माध्यम से भेजे जा रहे हैं। जिससे 20 महीने से अपने बकाया राशि का इंतजार कर रहे ठेकेदारों का कहना है कि यह उनके साथ पूरी तरह अन्याय किया जा रहा है।
इस संबंध में एक ठेकेदार ने मुकदमा भी दर्ज करवाया हुआ है। दर्ज एफआईआर में आरोप है कि एस्सेल कंपनी द्वारा किसी भी ठेकेदार का टीडीएस, लेबर सैस, वर्क कॉन्ट्रेक्टर टैक्स आदि तक नहीं काटा गया। इससे कंपनी ने ठेकेदारों के साथ-साथ सरकार को भी चूना लगाया है।
ठेकेदारों का कहना है कि इस मामले की जांच करवाई जाए। वहीं एचएसआईआईडीसी के महाप्रबंधक सुरेन्द्र देशवाल का कहना है कि केएमपी जगह-जगह क्षतिग्रस्त हुआ है, उसकी ऐवज में ठेकेदारों को डेबिट नोट एस्सेल कंपनी की ओर से भेजे गए हैं। यह कंपनी और ठेकेदारों के बीच का मामला है। वहीं केएमपी पर लाइटिंग का काम जल्द पूरा करवाया जाएगा।
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