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एलएनजेपी: कोरोना काल में मोर्चरी कर्मचारियों और डॉक्टरों की लापरवाही से संक्रमण फैलने का खतरा

(शेखर घोष)लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल (एलएनजेपी ) के मोर्चरी में काम करने वाले कर्मचारियों और डॉक्टरों की लापरवाही से मोर्चरी में कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा है। मोर्चरी में इस्तेमाल की गई पीपीई किट, दस्ताने और मास्क चारों तरफ बिखरे रहते हैं।

यहां चारों ओर खुले में बिखरे पीपीई किट, दस्तानों, और मास्क से यहां पोस्टमार्टम के बाद शव लेने वाले मृतक के परिजनों से लेकर यहां काम करने वाले कर्मचारियों और डॉक्टरों को भी संक्रमण का खतरा बना हुआ है। भास्कर पड़ताल में सामने आया कि कर्मचारियों ने प्रयोग की गई कुछ पीपीई किट को सीधे कचरे के डब्बे में डाल दिए थे।

जिसका ढ़क्कन भी ठीक से बंद नहीं था। कुछ कर्मचारियों का कहना है कि पीपीई किट को प्लास्टिक बैगों में बंडल बना कर मोर्चरी में खुले में रख दी जाती है। बायोलॉजिस्ट के अनुसार इस तरह से पीपीई किट, ग्लब्स और मास्क को खुले में फेंकने से कोरोना के संक्रमण को फैलने का बड़ा खतरा है।

डिस्पोज करने के लिए बनी है गाइडलाइन
कोरोना मरीजों के इलाज और देखभाल के के दौरान पीपीई किट, मास्क, ग्लब्स को किस तरह पहनना है। कार्य खत्म होने के बाद पीपीई किट, मास्क, ग्लब्स को किस को तरह से उतारना और बाद में इन सभी को किस तरह से डिस्पोजल करना है इसके लिए बाकायदा भारत सरकार स्वास्थ्य मंत्रालय से प्रोटोकॉल लागू की गई है। गाइडलाइन के अनुसार पीपीई किट को इस तरह रौल करते हुए उतारना पड़ता है कि करते पीपीई किट का बाहरी हिस्सा जो पहनने के दौरान अंदर हो वह उतारने के बाद अंदर हो जाए और अंदर का हिस्सा बाहर आ जाए।

हाईरिस्क में काम करते है मोर्चरी के कर्मचारी
एलएनजेपी अस्पताल की मोर्चरी में इन दिनों प्रतिदिन में 20-25 कोरोना संदिग्ध शव पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल से भेजा जा रहा है। इन शवों के पोस्टमार्टम के दौरान कर्मचारी जिस पीपीई किट को पहनते है, काम खत्म करने के बाद उस पीपीई किट को गाइडलाइन के तहत उतारकर दोहरे पीले बैग में उतारकर डिस्पोजल करने के बजाय इधर-उधर उतारकर फेंक देते है।

^मोर्चरी के सफाई कर्मचारी, डॉक्टर पीपीई किट उतारकर कचरे के डब्बे में डाल देते हैं। उन्हें हॉस्पीटल से पीपीई किट, मास्क और दस्ताने डालने के लिए गाइडलाइन के तहत पीला बैग उपलब्ध नहीं करवाया जाता है। -डा. रणदीप कौर, ऑन डियूटी इंचार्ज, एलएनजेपी मोर्चरी

यूज्ड मास्क और ग्लब्स ।
मोर्चरी में यूज्ड ग्लब्स फेंका हुआ
यूज्ड मास्क और ग्लब्स ।
यूज्ड मास्क और ग्लब्स ।
एलएनजेपी में मोर्चरी के गेट के बाहर ग्रीलों पर पीपीई किट टांग कर चले जाते है, जो कई दिनों तक ऐसे ही पड़ा रहता है जिससे कोरोना संक्रमण फैलने का भारी खतरा है।
मोर्चरी में गेट के पास जमीन पर यूज के बाद फेंकी गई पीपीई किट।


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एनएनजेपी मोर्चरी में पीपीई किट की डिस्पोज करने की भारी लापरवाही का नमूना, यहां पर कोविड और संदिग्ध कोविड पैशेंट भी पोस्टमार्टम के लिए लाए जाते है, इस दौरान कोरोना संक्रमण से बचने के लिए डॉक्टर और सहायक के द्वारा पहने जाने वाले पीपीई किट को खुले में बंडल बना कर फेंक दिया जाता है।


from Dainik Bhaskar https://www.bhaskar.com/local/delhi-ncr/news/lnjp-carelessness-of-morchari-employees-and-doctors-in-the-corona-period-threatens-to-spread-the-infection-127441538.html
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